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छत्तीसगढ़ के राजकीय वृक्ष के सबंध में जानकारी।

●राज्य शासन ने साल वृक्ष (Shorea Robusta) को राजकीय वृक्ष के रूप में अपनाया है।

●छत्तीगढ राज्य के वन क्षेत्र के एक तिहाई भाग में साल का वन पाया जाता है।

●छत्तीसढ में सबसे अधिक साल वन बस्तर जिले में पाये जाते हैं, इस कारण बस्तर जिले को साल वनों का द्वीप का कहा जाता है।

●साल वृक्षों की उंचाई 12 से 30 मीटर तक होती है।

●इस वृक्ष की लकडी को इमारती लकडी के रूप में उपयोग किया जाता है।

छत्तीसगढ़ के राजकीय पक्षी के बारे में जानकारी।

बस्तर की पहाडी मैंना (Hill Myna) जिसका वैज्ञानिक नाम Grakcula Religiosa है, को छत्तीसगढ राज्य की राजकीय पक्षी घोसित किया गया है। यह मुख्य रूप से बस्तर में पाया जाता है।

पहाडी मैंना का असतित्व भी संकटग्रस्त है, इस कारण से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में इसे संरक्षित किया गया है। पहाडी मैंना तोते की तरह मनुष्य की भांति बोलने और आवाज की सटीक नकल कर लेता है, इसकी इस प्रतिभा ही उसके अस्तित्व के लिए संकट बनी गई है । इसके अवैध व्यापार एवं शिकार को रोकने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु के सम्बन्ध में जानकारी।

छत्तीसगढ राज्य का राजकीय पशु वन भैंसा (Wild Buffalo) अर्थात Bubalus Bubalis है। वन भैंसा छत्तीसगढ के दुर्लभ एवं संकटग्रस्त प्रजातियों में से एक है। बींसवी सदी के शुरूआत में ये प्रजाति अमरकंटक से लेकर बस्तर तक क्षेत्र में बहुत अधिक संख्या में पाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या कम होती चली गई। अभी वर्तमान में वनभैंसा प्रमुखत: दंतेवाडा जिले के इन्द्रावती राष्ट्रीय उद्यान एवं उदन्ती अभारण्य में पाया जाता है। यहां पाये जाने वाला वन भैंसें की नस्ल सर्वाधिक शुध्द है अत: छत्तीसगढ राज्य के वन भैंसे का विशेष महत्व है, इस कारण से छ.ग. शासन द्वारा इसे राज्य पशु का दर्जा दिया गया है। शिकार तथा इसके रहवास पर मानव के बढते दबाव के कारण इसकी संख्या पर संकट बढ. गया है। इसको संरक्षित किये जाने के लिए छत्तीसगढ शासन द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के राज्य चिन्ह के सम्बन्ध में जानकारी।

छत्तीसगढ राज्य के प्रतीक चिन्ह का आकृति गोलाकार है। इस गोलाकार आकृति के बाहर की ओर 36 गढ (किले) अंकित है। इसके मध्य में भारत का राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तम्भ है, जिसके नीचे आदर्श वाक्य सत्यमेव जयते एवं राज्य फसल धान की सुनहरी बालियां अंकित है। इसमें राष्ट्रध्वज के तीनों रंगों के साथ छत्तीसगढ राज्य के नदियों को लहरों के रूप में
रेखांकित किया गया है। इन नदियों के चिन्ह के दोनों ओर उर्जा के चिन्ह को अंकित किया गया है।

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